Monday, August 2, 2010

Bet Net


मोहब्बत मुक़द्दर है कोई ख्वाब नहीं !
वो अदा है जिसमे सब कामयाब नहीं !!
जिन्हें इश्क की पनाह मिली वो चंद हैं,
जो पागल हुए उनका कोई हिसाब नहीं !!

No comments:

Post a Comment