मोहब्बत मुक़द्दर है कोई ख्वाब नहीं !
वो अदा है जिसमे सब कामयाब नहीं !!
जिन्हें इश्क की पनाह मिली वो चंद हैं,
जो पागल हुए उनका कोई हिसाब नहीं !!
वो अदा है जिसमे सब कामयाब नहीं !!
जिन्हें इश्क की पनाह मिली वो चंद हैं,
जो पागल हुए उनका कोई हिसाब नहीं !!
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