Thursday, August 19, 2010

जिंदगी का सफर है ये कैसा सफर कोई ..............

कहते है दुनिया गोल है मगर हम अपनी जिंदगी मैं चलते हि रहते है फिर भी मंजिल दूर हि नजर आती है ! हमारी मिरगतृष्णा हमें बहुत दूर ले जाती है और हम दुनिया की भीड़ मैं खो जाते है !  

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